संदेश

  प्राचीन भारतीय शिक्षा केवल सैध्दांतिक नही थी,बल्कि जीवन और कार्य की वास्तविकताओं से सम्बंधित थी।गुरुकुल शिक्षा व्यबस्था में विद्यार्थी, विषयों से सम्बंधित ज्ञान और व्यावसायिक कौशल तथा जीवन कौशल की शिक्षा ग्रहण की जाती थी।सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण स्कूल एवं उच्च शिक्षा में किताबी ज्ञान और ज्ञान के अनुप्रयोग के बीच की सीमाओं को कम करेगा,बल्कि विद्यार्थियों को कार्यक्षेत्रो में कौशलपूर्ण आवश्यकताओ को भी उजागर करेगा।स्कूल एवं उच्च शिक्षा में युवा की पहल से उधमता की भावना विकसित होगी तथा श्रम बाजार में प्रवेश के अवसर प्राप्त किये जा सकेंगे।श्रम बाजार प्रासंगिक योग्यता की ओर नही ले जाते है,लेकिन विद्यार्थियों में ज्ञान कौशल एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण प्राप्त करने में मदद करेगा।